UKSSSC Paper Leak: भर्ती कांड में ईडी के बाद सीबीआई की होगी एंट्री? एग्जाम नहीं होगा निरस्त! सुनिए CM धामी का बड़ा बयान.. VIDEO

UKSSSC Paper Leak देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) भर्ती परीक्षा कांड को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा बयान दिया है। सीएम धामी ने परीक्षा को रद्द ना करने और सीबीआई जांच तक के संकेत दिए हैं।

‘मेहनती और काबिल अभ्यर्थियों का नहीं होने देंगे अहित’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, जांच के साथ-साथ हम यह भी ध्यान रख रहे हैं कि, अपनी योग्यता, मेहनत और काबिलियत के आधार पर मेरिट में स्थान बनाने वाले अभ्यर्थियों का कोई आहित ना हो। इसके साथ ही भविष्य में भी मेहनती अभ्यर्थियों की परीक्षाएं समय से हो और उनके रिजल्ट में कोई देरी ना हो इस पर भी विशेष फोकस है।

‘नहीं बच पाएगा भर्ती धांधली में कोई भी संलिप्त व्यक्ति’

वही इस भर्ती परीक्षा कांड के मास्टरमाइंड उत्तरकाशी के चर्चित जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह के कई बड़े नेता और अधिकारियों के साथ फोटो वायरल होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, कहीं आना – जाना किसी के साथ भी हो सकता है लेकिन, इसमें किस की संलिप्तता पाई जाती है तो निश्चित रूप से उन सभी पर कार्यवाही होगी।

जांच मामले में ईडी के बाद सीबीआई की हो सकती है एंट्री!

इसके अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, जब तक भर्ती धांधली में सम्मिलित अंतिम व्यक्ति पकड़ा नहीं जाता, तब तक यह जांच जारी रहेगी। वहीं उन्होंने जोर देते हुए कहा कि, “और भी कोई जांच अगर करनी पड़ेगी तो हम उससे भी पीछे नहीं हटेंगे।” मुख्यमंत्री किए एक सख्त बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। धामी सरकार जिस तरह से इस मामले में जांच को लेकर आगे बढ़ा रही है, उसमें अगर सरकार खुद CBI जांच की सिफारिश कर देती है तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा।

एसटीएफ की जांच पर नजर

फिलहाल इस मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) इस जांच में कड़ी दर कड़ी कई बड़े खुलासे करती जा रही है। यहां तक कि, केंद्रीय एजेंसी ईडी से भी एसटीएफ ने जानकारी साझा की है। ऐसे में माना जा रहा है कि, एसटीएफ जांच के नतीजों में यदि ज्यादा और बड़े अधिकारियों के संलिप्त होने के संकेत मिलते हैं तो सरकार जांच को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है।

मेहनती अभ्यर्थियों को सता रहा परीक्षा रद्द होने का डर

वहीं भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच में लगातार खुलासे के बीच मेहनत और ईमानदारी से चयनित अभ्यर्थियों को एग्जाम निरस्त होने का डर सता रहा है। उनका कहना है कि, गलत करने वालों को कतई बख्शा न जाए लेकिन जिन्होंने भर्ती परीक्षा पास करने के लिए कई साल मेहनत की उनके साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए।

चयनित होने पर दूसरी परीक्षाएं छोड़ने का दावा

कुछ चयनित अभ्यर्थियों का दावा है कि, इस भर्ती परीक्षा में चयन होने के बाद उन्होंने दूसरी परीक्षाएं छोड़ दी। उन्होंने दावा किया कि करीब 450 अभ्यर्थियों का कनिष्ठ सहायक में चयन हुआ था, लेकिन वीपीडीओ में चयन होने पर उन्होंने टाइपिंग टेस्ट नहीं दिया। फॉरेस्ट गार्ड पद पर भी कई युवाओं ने ज्वाइन नहीं किया और पुलिस कांस्टेबल में भी फिजिकल टेस्ट नहीं दिया। यहां तक कि कुछ अभ्यर्थियों ने यूकेपीएससी (UKPSC) अपर लोअर की तैयारी छोड़ दी। अब नियुक्ति अटकने से वह मानसिक रूप से इतने परेशान हैं कि तैयारी ही नहीं कर पा रहे हैं। अगर भर्ती रद्द होती है तो उन अभ्यर्थियों से धोखा होगा, जो कड़ी मेहनत से पास हुए हैं। वहीं मुख्यमंत्री के आज के बयान से इन युवाओं को कुछ हद तक राहत तो मिली है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला होगा।

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